प्रयोगशाला – विज्ञान
1. मैग्नीशियम रिबन जलाने की गतिविधि: एक साफ़ मैग्नीशियम रिबन को चिमटे से पकड़कर बन्सन बर्नर या मोमबत्ती की लौ पर गर्म किया जाता है। कुछ सेकंड के बाद, यह चमकदार सफ़ेद लौ के साथ जलता है और मैग्नीशियम ऑक्साइड नाम का सफ़ेद पाउडर बनाता है। इस सफ़ेद राख को एक वॉच ग्लास में इकट्ठा किया जाता है। अगर राख में पानी की कुछ बूंदें मिलाई जाएं और लाल लिटमस पेपर से जांच की जाए, तो लिटमस नीला हो जाता है, जिससे पता चलता है कि मैग्नीशियम ऑक्साइड की प्रकृति क्षारीय (basic) होती है।
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2. एसिड और बेस का पता लगाने के लिए लिटमस पेपर एक्टिविटी
अलग-अलग बर्तनों में नींबू का रस और साबुन का घोल लें। लाल और नीले लिटमस पेपर को एक-एक करके हर घोल में डुबोएं और रंग में होने वाले बदलाव को देखें। एसिड नीले लिटमस पेपर को लाल कर देते हैं, जबकि बेस लाल लिटमस पेपर को नीला कर देते हैं। न्यूट्रल घोल किसी भी लिटमस पेपर का रंग नहीं बदलते हैं।
3. माइक्रोस्कोप से अलग-अलग कोशिकाओं को देखना
प्याज की झिल्ली (पादप कोशिका) और गाल की कोशिकाओं (जंतु कोशिका) की अस्थायी स्लाइड तैयार करें। हर स्लाइड को माइक्रोस्कोप के नीचे रखें और उन्हें कम और ज़्यादा मैग्निफ़िकेशन पर देखें। प्याज की झिल्ली की कोशिकाएं आयताकार दिखती हैं और उनमें एक स्पष्ट कोशिका भित्ति होती है, जबकि गाल की कोशिकाएं अनियमित या गोल आकार की होती हैं और उनमें कोशिका भित्ति नहीं होती है।
4. एसिड और बेस का पता लगाने के लिए हल्दी और लाल गुलाब के अर्क का इस्तेमाल
हल्दी का पेस्ट और लाल गुलाब की पंखुड़ियों को गर्म पानी में भिगोकर लाल गुलाब का अर्क तैयार करें और हल्दी इंडिकेटर बनाएं। हर इंडिकेटर में नींबू का रस और डिटर्जेंट वाला पानी जैसे अलग-अलग घोल मिलाएं और रंग में होने वाले बदलावों को देखें। हल्दी एसिड में पीली रहती है लेकिन बेस में लाल-भूरे रंग की हो जाती है। लाल गुलाब का अर्क एसिड में गुलाबी/लाल और बेस में हरे रंग का हो जाता है।






